School Closed New Notice: उत्तर प्रदेश में इस बार सर्दी ने पूरे राज्य को अपनी चपेट में ले लिया है। ठंड ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं इसका सबसे बड़ा असर स्कूली बच्चों पर भी देखा गया है। ठंड और कोहरे के कारण कई जिलों में अब तक का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने School Closed New Notice जारी करते हुए स्कूलों को बंद करने का बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। School Closed New Notice के अनुसार आठवीं तक के सभी स्कूल 15 जनवरी तक पूरी तरह बंद रहेंगे और इसके बाद ही दोबारा खुलने की संभावना है। हालांकि मौसम की समीक्षा के बाद नई तिथि पर भी विचार किया जा सकता है।
School Closed New Notice का असर, स्कूल बंद का नया निर्देश
School Closed New Notice ने शिक्षा व्यवस्था पर सीधा असर डाला है, लेकिन यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए बेहद जरूरी माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो बीते 12 सालों में सबसे कम है। बच्चों के लिए यह स्थिति काफी खतरनाक मानी जाती है। स्कूल बंद रखने का आदेश न सिर्फ सरकारी स्कूलों पर लागू होगा, बल्कि निजी स्कूलों को भी इसका पालन करना होगा। आदेश के तहत शिक्षकों को विद्यालय परिसर में उपस्थित रहना है और प्रशासनिक कार्यों को संपादित करना है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि स्कूलों की कार्यप्रणाली जारी रहे, लेकिन विद्यार्थियों को ठंड से राहत भी मिले। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है, ताकि सभी इसका सख्ती से पालन करें।
उत्तर प्रदेश में शीतलहर का कहर, प्रशासन सतर्क
राज्य के कई जिलों में शीतलहर ने विकराल रूप ले लिया है। खासकर प्रयागराज, इटावा, बहराइच, गोरखपुर, सुल्तानपुर और आजमगढ़ में तापमान तेजी से गिरा है। प्रयागराज में तो कोहरा इतना घना हो गया कि सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो गई। इस हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने आठवीं तक के स्कूलों को 15 जनवरी तक बंद करने का निर्देश जारी किया है। वहीं दूसरी ओर शिक्षक और स्टाफ को स्कूल में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है ताकि जरूरी शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।
सीएम योगी का निर्देश भी हुआ जारी
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही पूरे राज्य में 5 जनवरी तक इंटरमीडिएट तक के सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया था। लेकिन मौसम में लगातार गिरावट और कोहरे की तीव्रता को देखते हुए स्कूल बंदी को आगे बढ़ाया गया है। अब प्राथमिक से लेकर आठवीं तक के सभी स्कूल 15 जनवरी तक बंद रहेंगे। यह आदेश बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए लिया गया है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों से शिकायतें मिली हैं कि सीएम के आदेश के बावजूद कुछ स्कूल खुले रहे। झूंसी क्षेत्र में एक इंटर कॉलेज ने आदेश को नजरअंदाज करते हुए क्लासेस चलाईं, जिस पर अब कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह – ठंड में कैसे रखें खुद को सुरक्षित
ठंड के इस मौसम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एसआरएन अस्पताल के डॉ. राम सिया सिंह ने कहा कि ठंडे पदार्थों और ठंडे पानी से पूरी तरह बचना चाहिए। नहाने के लिए केवल गर्म पानी का ही उपयोग करें और खासकर सुबह व शाम के समय बाहर निकलने से परहेज करें। न्यूरो फिजिशियन डॉ. कमलेश सोनकर ने बताया कि डायबिटीज और बीपी से पीड़ित लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि ठंड इनकी समस्याएं बढ़ा सकती है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष देखभाल की आवश्यकता है।
उत्तर प्रदेश के ये जिले सबसे ज्यादा ठंड की चपेट में
- इटावा: 2.4 डिग्री सेल्सियस
- बहराइच: 3.0 डिग्री सेल्सियस
- गोरखपुर: 5.0 डिग्री सेल्सियस
- सुल्तानपुर: 5.4 डिग्री सेल्सियस
- आजमगढ़: 5.6 डिग्री सेल्सियस
इन जिलों में शीतलहर का प्रभाव सबसे ज्यादा देखा गया है। स्थानीय प्रशासन ने इन इलाकों में खास निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है।
Stepwise प्रक्रिया: स्कूल बंदी के आदेश के पालन की प्रक्रिया
- मौसम विभाग की रिपोर्ट का अवलोकन – सबसे पहले मौसम विभाग द्वारा जारी ठंड और कोहरे की रिपोर्ट को ध्यान से देखा गया।
- प्रशासनिक बैठक का आयोजन – जिला स्तर पर अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई गई जिसमें स्कूलों को बंद करने पर चर्चा हुई।
- आदेश की घोषणा – जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा 15 जनवरी तक स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया गया।
- शिक्षकों के लिए दिशा-निर्देश – शिक्षकों को विद्यालय परिसर में उपस्थित रहकर प्रशासनिक कार्यों को संपादित करने के लिए कहा गया।
- समीक्षा की संभावना – 15 जनवरी के बाद मौसम की स्थिति की समीक्षा करके स्कूल खोलने का निर्णय लिया जाएगा।
School Closed New Notice का पालन जरूरी क्यों है?
इस आदेश का पालन करना सभी स्कूलों के लिए आवश्यक है क्योंकि यह निर्णय बच्चों की सेहत और सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है। ठंड के मौसम में खासकर छोटे बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका ज्यादा होती है। इसी वजह से School Closed New Notice जारी किया गया ताकि उन्हें सुरक्षित रखा जा सके। अगर कोई स्कूल इस आदेश का पालन नहीं करता है तो प्रशासन उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकता है। वहीं अभिभावकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे बच्चों को इस दौरान घर पर ही रखें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।